Poetry ऐसी भी क्या जिद ऐ दिले नादान क्यूं चाहता है ख्वाहिशें सब पूरी हों तेरी गर दो चार रह जाएंगी अधूरी सच कहूं, जिन्दगी से तब भी मुझे कोई Read More » November 28, 2020 1 Comment